Tennis Elbow in Hindi: पकड़ने या उठाने पर कोहनी के बाहर दर्द क्यों?

टेनिस एल्बो उन लोगों को भी हो सकता है जो टेनिस नहीं खेलते। दर्द की जगह और रोज के काम समझकर जाँच तथा सुधार की योजना बनाई जाती है।

कोहनी के बाहरी दर्द वाला व्यक्ति और कंडरे का सरल चित्र
सीधे शब्दों में

टेनिस एल्बो उन लोगों को भी हो सकता है जो टेनिस नहीं खेलते। दर्द की जगह और रोज के काम समझकर जाँच तथा सुधार की योजना बनाई जाती है।

चाय का कप उठाने, चाबी घुमाने या सब्जियों का थैला पकड़ने पर कोहनी के बाहर दर्द होने लगे तो छोटे काम भी भारी लग सकते हैं। कई बार कोई बड़ी चोट याद नहीं आती, फिर भी हाथ इस्तेमाल करना मुश्किल होता जाता है।

इसकी एक वजह टेनिस एल्बो हो सकती है। नाम सुनकर यह न मानें कि यह सिर्फ खिलाड़ियों की समस्या है। दर्द की जगह, हाथ से होने वाले काम और दूसरे लक्षणों की जाँच करके ही उचित कारण समझा जा सकता है।

सीधे शब्दों में

कोहनी और कलाई के बीच का हिस्सा अग्रबाहु कहलाता है। उसकी मांसपेशियों को कोहनी की बाहरी हड्डी से जोड़ने वाले मजबूत तंतुओं को कंडरे कहते हैं। उन पर बार-बार भार पड़ने से दर्द हो सकता है। टेनिस एल्बो का शुरुआती आकलन आम तौर पर बातचीत और शारीरिक जाँच से होता है। अधिकतर लोगों में पहले बिना ऑपरेशन की देखभाल और धीरे-धीरे क्षमता बढ़ाने की योजना पर विचार होता है।

इसके लक्षण आम तौर पर कहाँ होते हैं?

दर्द कोहनी के बाहर की उभरी हड्डी के आसपास हो सकता है और अग्रबाहु तक फैल सकता है। कोई चीज पकड़ने, कलाई घुमाने, औजार चलाने या हथेली नीचे रखकर सामान उठाने पर बढ़ सकता है। दर्द के कारण पकड़ कमजोर भी लग सकती है।

अक्सर लक्षण धीरे-धीरे हफ्तों में बढ़ते हैं। खाना बनाना, रंग करना, औजार इस्तेमाल करना, बार-बार एक जैसा कम्प्यूटर का काम या रैकेट वाले खेल उससे जुड़े हो सकते हैं। कुछ लोगों में साफ कारण नहीं मिलता। एक या दोनों हाथ प्रभावित हो सकते हैं।

डॉक्टर को बताएँ कि दर्द बाहर है या अंदर, गर्दन से आता है या उँगलियों में झनझनाहट भी है। अलग तरह का दर्द किसी दूसरी या साथ में मौजूद समस्या की ओर इशारा कर सकता है। खुद निदान करने के लिए दर्द वाला काम बार-बार करके हाथ को परेशान न करें।

हाथ की दूसरी समस्याओं से फर्क कैसे समझें?

मुख्य परेशानी जाँच में किस पर ध्यान दिया जाता है
पकड़ने पर कोहनी के बाहर दर्द बाहरी कंडरे और आसपास की समस्या
कोहनी के अंदर दर्द अलग जगह के कंडरे का जुड़ाव
गर्दन से दर्द, सुन्नपन या झनझनाहट नस की परेशानी या दूसरी जगह से आने वाला दर्द
चोट के बाद सूजन या बहुत कम गति जोड़ या चोट से जुड़ा कारण

यह तुलना लक्षण बताने में मदद करती है, घर पर निदान नहीं करती। कंधे की जकड़न अलग समस्या है, जिसका विवरण फ्रोजन शोल्डर की जानकारी में है। केवल पूरे हाथ में दर्द होने से दोनों स्थितियाँ एक नहीं हो जातीं।

डॉक्टर किस तरह जाँच करेंगे?

दर्द कब शुरू हुआ, किस काम से बढ़ता है, रात और नौकरी पर कितना असर पड़ता है, ये सवाल पूछे जा सकते हैं। डॉक्टर बाहरी कोहनी पर हल्का दबाव देकर संवेदनशीलता देखेंगे और कलाई, उँगलियों, पकड़ तथा कोहनी की गति परखेंगे। जरूरत हो तो गर्दन और नसों की जाँच भी होगी।

सिर्फ नौकरी का नाम बताने के बजाय काम का तरीका समझाएँ। दिन में कितनी बार सामान उठाते हैं, कौन सा औजार चलाते हैं और कलाई कितनी देर एक जैसे चलती है, यह बताना उपयोगी है। पुरानी चोट, जोड़ की बीमारी या नस की समस्या हो तो उसकी जानकारी भी दें।

एक्स-रे या MRI कब काम आता है?

सामान्य लक्षण होने पर शुरुआती पहचान के लिए हर बार तस्वीर वाली जाँच जरूरी नहीं होती। हड्डी या जोड़ की दूसरी वजह देखनी हो तो एक्स-रे किया जा सकता है। कारण स्पष्ट न हो, उचित देखभाल के बाद भी परेशानी रहे या दूसरी चोट का संदेह हो तो अल्ट्रासाउंड या MRI पर विचार होता है।

स्कैन में कंडरे का बदलाव दिखना अकेले दर्द की मात्रा या ऑपरेशन की जरूरत तय नहीं करता। नतीजे को आपकी परेशानी और जाँच से जोड़ना जरूरी है। नस की जाँच भी विशेष संदेह होने पर चुनी जाती है, सभी के लिए नहीं।

देखभाल में क्या विकल्प होते हैं?

शुरुआती योजना में दर्द बढ़ाने वाले काम का भार समझना, डॉक्टर द्वारा चुनी गई लक्षणों की देखभाल और क्रमशः पुनर्वास शामिल हो सकता है। फिजियोथेरेपिस्ट तय कर सकते हैं कि किस अवस्था में कौन सी गतिविधि और मजबूती का अभ्यास उचित है। किसी वीडियो से जोर लगाने वाली कसरत अपनाना व्यक्तिगत योजना का विकल्प नहीं है।

कुछ लोगों को सहारा देने वाली पट्टी या उपकरण से मदद मिल सकती है। उसका उद्देश्य, सही फिट और इस्तेमाल की अवधि पूछें। वह हर तरह की कोहनी की परेशानी ठीक नहीं करता। किसी इंजेक्शन या दूसरी प्रक्रिया की सलाह मिले तो अपेक्षित फायदा, उसकी अवधि, जोखिम और प्रमाण में अनिश्चितता समझें। कोई तरीका सभी में जल्दी स्थायी सुधार की गारंटी नहीं देता।

कई महीनों की उचित बिना ऑपरेशन वाली देखभाल के बाद भी सीमित करने वाला दर्द हो तो कुछ लोगों में सर्जरी पर विचार किया जा सकता है। पहले निदान और पिछली योजना की दोबारा समीक्षा जरूरी है। केवल कोई समय सीमा पार होने या स्कैन में बदलाव आने से ऑपरेशन अनिवार्य नहीं होता।

ठीक होने में कितना समय लग सकता है?

सुधार अक्सर धीरे होता है। कुछ लोग कुछ हफ्तों में बेहतर महसूस करते हैं, जबकि कुछ में कई महीने लग सकते हैं। कभी-कभी लक्षण एक साल से अधिक भी रह सकते हैं। पुराने लक्षण, बार-बार पड़ने वाला भार, दूसरी बीमारियाँ और पुनर्वास का असर समय को बदलते हैं।

कप पकड़ना, दरवाजा घुमाना और नौकरी का कोई जरूरी काम करना जैसे व्यावहारिक लक्ष्य रखें। गतिविधि कब और कितनी बढ़ानी है, यह इलाज करने वाली टीम से तय करें। थोड़े दिन दर्द कम होने पर तुरंत सबसे भारी काम पर लौटने का फैसला अपने आप न करें।

कब जल्दी जाँच करानी चाहिए?

दर्द न घटे या रोज का काम प्रभावित करे तो सामान्य मुलाकात लें। कमजोरी बढ़ना, सुन्नपन, काफी सूजन या लगातार रात का दर्द हो तो जल्दी दिखाएँ। बुखार के साथ गर्म सूजा जोड़ या बड़ी चोट के बाद तेज दर्द को टेनिस एल्बो मानकर न चलें; योग्य चिकित्सा जाँच जरूरी है।

अगली मुलाकात में बताएँ कि कौन से काम आसान हुए और किनमें अभी दर्द है। जरूरत पर निदान और काम के भार को फिर देखा जा सकता है। अस्पताल की विशेषज्ञताएँ और डॉक्टरों की जानकारी देखकर परामर्श का समय लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या बिना टेनिस खेले भी टेनिस एल्बो हो सकता है?

हाँ। रोज की पकड़, औजार चलाना और कलाई का बार-बार इस्तेमाल भी इससे जुड़ सकते हैं। खेल का नाम होना, उस खेल को खेलने की शर्त नहीं है।

क्या कमजोर पकड़ का मतलब कंडरा टूट गया है?

जरूरी नहीं। दर्द के कारण भी पकड़ कम लग सकती है। अचानक काम न कर पाना, चोट या बढ़ती कमजोरी हो तो उसके कारण की जाँच जरूरी है।

क्या फिजियोथेरेपी से पहले MRI अनिवार्य है?

आम तौर पर नहीं। सामान्य स्थिति में इतिहास और शारीरिक जाँच से पहला फैसला किया जा सकता है। अनिश्चितता, दूसरी वजह या सुधार न होने पर तस्वीर वाली जाँच चुनी जा सकती है।

क्या सुधार के दौरान काम जारी रख सकते हैं?

अक्सर कुछ काम जारी रह सकते हैं, लेकिन काम और लक्षणों के अनुसार अस्थायी बदलाव चाहिए हो सकते हैं। सबके लिए एक जैसी आराम की अवधि अपनाने के बजाय अपनी स्थिति पर सलाह लें।

दर्द बना रहे तो क्या सर्जरी ही रास्ता है?

नहीं। पहले कारण, पिछली देखभाल और पुनर्वास की समीक्षा की जाती है। उचित बिना ऑपरेशन वाले विकल्पों के बाद चुने गए लोगों में लाभ और जोखिम समझाकर सर्जरी पर विचार होता है।

अब अगला सही कदम

Hegde Hospital की चिकित्सा टीम से बात करें

अपने लक्षणों, पुराने स्वास्थ्य विवरण और इलाज की जरूरत के अनुसार सही विशेषज्ञ की सलाह लें।

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