Anal Skin Tags in Hindi: गुदा की त्वचा का उभार या बवासीर?

पुरानी सूजन या फिशर के बाद गुदा के पास त्वचा की तह रह सकती है। पहले सही पहचान कराना जरूरी है; हर तह को हटाने की जरूरत नहीं होती।

Anal Skin Tags in Hindi: गुदा की त्वचा का उभार या बवासीर?
सीधे शब्दों में

पुरानी सूजन या फिशर के बाद गुदा के पास त्वचा की तह रह सकती है। पहले सही पहचान कराना जरूरी है; हर तह को हटाने की जरूरत नहीं होती।

साफ करते समय गुदा के पास मुलायम त्वचा की छोटी तह महसूस हुई। पहले वहाँ दर्द वाली सूजन थी, जो अब ठीक है, लेकिन यह हिस्सा बना हुआ है। इससे लग सकता है कि बवासीर लौट आई है या उसे हटवाना ही पड़ेगा।

ऐसा उभार एनल स्किन टैग हो सकता है। फिर भी हर गांठ एक जैसी नहीं होती। केवल छूकर या तस्वीर देखकर फैसला करने के बजाय एक सामान्य चिकित्सकीय जाँच से पहचान साफ कराना उपयोगी है।

सीधे शब्दों में

एनल स्किन टैग गुदा के किनारे बची हुई अतिरिक्त त्वचा की तह है। डॉक्टर से पुष्टि होने पर साधारण, बिना परेशानी वाला टैग अक्सर इलाज के बिना छोड़ा जा सकता है। लगातार जलन या सफाई में कठिनाई होने पर हटाने की जरूरत पर विचार किया जाता है।

यह सक्रिय बवासीर से अलग है, हालाँकि दोनों साथ हो सकते हैं। टैग हटाने से अंदर की बवासीर, फिशर या खून आने का कोई दूसरा कारण अपने आप ठीक नहीं हो जाता। पहले यह जानना जरूरी है कि शिकायत किस वजह से है।

बवासीर ठीक होने के बाद त्वचा की तह क्यों बचती है?

बाहर की बवासीर में सूजन या खून का थक्का बनने पर त्वचा खिंच सकती है। सूजन कम होने के बाद खिंची हुई त्वचा का कुछ हिस्सा रह सकता है। इसलिए दर्द खत्म होना और त्वचा का बिल्कुल पहले जैसा दिखना अलग बातें हैं।

फिशर, यानी गुदा की भीतरी परत के छोटे कट के पास भी टैग हो सकता है। क्षेत्र में दूसरी सूजन के कारण भी बदलाव आ सकते हैं। पहले बवासीर होने का मतलब यह नहीं कि हर नई गांठ उसी की बची हुई त्वचा है।

हमारी बवासीर के लक्षण और जाँच की जानकारी व्यापक बीमारी समझाती है। यहाँ मुख्य विषय लंबे समय से बनी त्वचा की तह और उसे हटाने का निर्णय है।

स्किन टैग और बवासीर में क्या फर्क है?

स्थिति अक्सर कैसी शिकायत होती है? जाँच क्यों जरूरी है?
साधारण स्किन टैग मुलायम, अक्सर दर्द रहित तह दूसरी गांठ से पहचान अलग करने के लिए
बाहर की बवासीर सूजन; थक्का होने पर ज्यादा दर्द सक्रिय बीमारी देखने के लिए
बाहर आती अंदर की बवासीर शौच के साथ ऊतक बाहर आ सकता है यह स्थिर त्वचा की तह से अलग है
फिशर के पास टैग शौच के दौरान या बाद में दर्द संभव साथ का कट पहचानने के लिए

यह तुलना खुद निदान करने के लिए नहीं है। कुछ मस्से या त्वचा की दूसरी समस्याएँ भी मिलती-जुलती दिख सकती हैं। नई, बढ़ती या खून वाली गांठ को केवल तस्वीर के आधार पर साधारण टैग न मानें।

किस तरह की परेशानी हो सकती है?

कई टैग कोई तकलीफ नहीं देते। कुछ लोगों को शौच के बाद साफ करने में कठिनाई या बार-बार खुजली और जलन होती है। तह की जगह, मल की स्थिति और आसपास की दूसरी बीमारी इसमें भूमिका निभा सकती है।

खून, ज्यादा दर्द या रिसाव को बिना जाँच केवल टैग से जोड़ना सही नहीं है। कारण कुछ और भी हो सकता है। बवासीर, फिशर और फिस्टुला का फर्क पढ़ने से समझ आता है कि एक ही क्षेत्र की अलग शिकायतों के लिए अलग जाँच क्यों होती है।

टैग होना खराब सफाई का प्रमाण नहीं है। शर्म के कारण समस्या छिपाने की जरूरत नहीं। डॉक्टर को बताना कि सफाई में कितना समय लगता है, कब जलन होती है और कौन सा लक्षण परेशान करता है, उपयोगी रहता है।

डॉक्टर कैसे पहचानते हैं?

डॉक्टर पूछेंगे कि तह कब से है, आकार बदला या नहीं, पहले सूजन या फिशर था या नहीं और खून या दर्द होता है या नहीं। पुराना ऑपरेशन और आँत की सूजन की कोई बीमारी हो तो वह भी बताएँ।

आमतौर पर शुरुआत बाहर से देखने की जाँच से होती है। लक्षण और आराम के अनुसार उंगली से जाँच या छोटी नली से गुदा के भीतर देखना उचित हो सकता है। दर्द या झिझक हो तो पहले बताएँ और जाँच का तरीका समझाने को कहें। साथ में सहायक व्यक्ति की मौजूदगी के बारे में पूछ सकते हैं।

हर टैग के लिए बड़ी आँत की कैमरे वाली जाँच या ऊतक का नमूना जरूरी नहीं होता। खून, मल की आदत में बदलाव, उम्र के अनुसार जाँच की जरूरत और असामान्य दिखने वाले हिस्से के आधार पर आगे का फैसला होता है।

कब उसे रहने देना उचित है?

अगर डॉक्टर ने साधारण टैग की पुष्टि कर दी और उससे परेशानी नहीं है, तो निगरानी पर्याप्त हो सकती है। केवल दिखाई देने या बने रहने के कारण उसे हटाना जरूरी नहीं है। किस बदलाव पर दोबारा दिखाना है, यह समझ लें।

लगातार जलन हो तो पहले उसके कारण तलाशने चाहिए। बार-बार रगड़कर सफाई, मल से जुड़ी परेशानी, सक्रिय फिशर या त्वचा की दूसरी बीमारी शिकायत बढ़ा सकती है। केवल तह हटाना हर स्थिति का समाधान नहीं है।

हटाने का फैसला किन बातों पर होता है?

टैग के कारण बार-बार सफाई में समस्या या लगातार जलन हो तो हटाने पर चर्चा हो सकती है। डॉक्टर उसकी जगह, आकार, आसपास की बीमारी और घाव भरने से जुड़े जोखिम देखते हैं। रूप-रंग की चिंता भी बताई जा सकती है, लेकिन संभावित लाभ को असुविधा और घाव भरने के साथ तौलना चाहिए।

कुछ चुने हुए मामलों में छोटी प्रक्रिया पर्याप्त हो सकती है। दूसरी स्थिति में अलग व्यवस्था या पहले साथ की बीमारी का आकलन जरूरी हो सकता है। सभी टैग बिना दर्द, बिना घाव या तुरंत ठीक हो जाते हैं, ऐसा भरोसा उचित नहीं है।

रक्तस्राव, संक्रमण, घाव भरने में देरी और निशान जैसे जोखिम पूछें। टैग हटने के बाद भविष्य में नया टैग या बवासीर की परेशानी होने की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं होती।

हटवाने के बाद क्या पूछना चाहिए?

ठीक होने का समय हटाए गए हिस्से और साथ की प्रक्रिया पर निर्भर करता है। घाव भरते समय शौच में असुविधा हो सकती है। काम पर लौटने, व्यक्तिगत देखभाल और समीक्षा की लिखित सलाह लें। किसी दूसरे व्यक्ति के अनुभव को अपना निश्चित समय न मानें।

ऊतक की जाँच जरूरी है या नहीं और रिपोर्ट कैसे मिलेगी, यह भी पूछें। खुद काटकर, बाँधकर, जलाकर या किसी दूसरे तरीके से उभार हटाने की कोशिश न करें। पहले सही पहचान और फिर उपयुक्त प्रक्रिया तय होनी चाहिए।

कब जल्दी डॉक्टर को दिखाएँ?

स्थिर और दर्द रहित तह की सामान्य मुलाकात में जाँच कराई जा सकती है। तेजी से बढ़ना, कड़ा होना, न भरने वाला घाव, बार-बार खून, रिसाव, लगातार दर्द या मल की आदत में अस्पष्ट बदलाव हो तो जल्द जाँच कराएँ।

बहुत खून आने के साथ चक्कर या बेहोशी जैसा लगना, या बुखार के साथ बढ़ता तेज दर्द होने पर तत्काल चिकित्सा जाँच जरूरी है। यह लेख सामान्य त्वचा की तह की नियोजित समीक्षा के लिए है।

पुरानी रिपोर्ट और लक्षणों का संक्षिप्त विवरण लेकर डॉक्टर से मिलें। परामर्श का समय लेकर पहले पहचान स्पष्ट करें, फिर तय करें कि निगरानी या नियोजित प्रक्रिया से आपकी वास्तविक परेशानी में लाभ होगा या नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या टैग का मतलब बवासीर दोबारा होना है?

जरूरी नहीं। पहले की सूजन कम होने के बाद भी अतिरिक्त त्वचा रह सकती है। अभी सक्रिय बवासीर है या नहीं, यह वर्तमान लक्षण और जाँच से तय होगा।

क्या टैग अपने आप गायब हो जाएगा?

बची हुई त्वचा लंबे समय तक रह सकती है। यदि साधारण टैग की पुष्टि हो और परेशानी न हो, तो केवल उसके बने रहने के लिए इलाज जरूरी नहीं है। नया बदलाव होने पर समीक्षा कराएँ।

क्या यह दूसरे व्यक्ति को फैल सकता है?

पुष्टि किया गया साधारण स्किन टैग संक्रामक नहीं है। कुछ अन्य उभारों के कारण अलग होते हैं। इसलिए पहली बार दिखी गांठ को बिना जाँच टैग मानना उचित नहीं है।

क्या हर टैग की ऊतक जाँच होती है?

नहीं। रूप, लक्षण और पहचान में संदेह के आधार पर डॉक्टर नमूने की जरूरत तय करते हैं। असामान्य या बदलता हुआ हिस्सा साधारण टैग से अलग आकलन माँग सकता है।

क्या हटवाने से खून और खुजली दोनों खत्म होंगे?

यह तभी संभव है जब शिकायत का कारण टैग हो, और तब भी परिणाम अलग हो सकते हैं। बवासीर, फिशर या त्वचा की बीमारी हो तो उसकी अलग देखभाल जरूरी हो सकती है।

अब अगला सही कदम

Hegde Hospital की चिकित्सा टीम से बात करें

अपने लक्षणों, पुराने स्वास्थ्य विवरण और इलाज की जरूरत के अनुसार सही विशेषज्ञ की सलाह लें।

और पढ़ें